सहारनपुर वालों के लिए अच्छी खबर है. अब आप सिर्फ 3 घंटे में हरिद्वार पहुंच जाएंगे. बताया जा रहा है कि इस साल जून में 51 किलोमीटर लंबे सहारनपुर-हरिद्वार 6-लेन बाईपास जनता के लिए खोल दिया जाएगा. जिसके बाद यात्रियों को काफी राहत मिलेगी.
इस 6-लेन बाईपास का निर्माण दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के विस्तार के तहत तेजी से किया जा रहा है, जो हरिद्वार को दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से सीधे जोड़ेगा. मौजूदा वक्त में हरिद्वार-मेरठ मार्ग पर भारी ट्रैफिक जाम रहता है.
खास तौर पर कांवड़ यात्रा, कुंभ और अर्धकुंभ जैसे बड़े पर्वों और पर्यटन सीजन के दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. नया बाईपास शहर के अंदरूनी इलाकों से ट्रैफिक को बाहर रखते हुए सफर को आसान बनाएगा. चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी.
अभी दिल्ली-हरिद्वार की यात्रा करने में 5-6 घंटे लगते हैं, जो घटकर लगभग 3 घंटे रह जाएगा. ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को भी बहुत फायदा होगा. अब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से आने वाले वाहनों को हरिद्वार में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे न सिर्फ यातायात सुगम बनेगा, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी.
इस बाईपास के बनने से उत्तराखंड के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल, रुड़की और भगवानपुर के लिए माल परिवहन आसान होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. बाईपास रुड़की के पास हरिद्वार-मुजफ्फरनगर मार्ग से होते हुए सहारनपुर में मुख्य कॉरिडोर से जुड़ेगा.
इस बाईपास का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. इसे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. इतना ही नहीं हरिद्वार में ट्रैफिक को और कम करने के लिए बहादराबाद से श्यामपुर कांगड़ी तक 15KM लंबा 4-लेन ग्रीनफील्ड बाईपास (फेज-1) भी बनाया जा रहा है, जिसका काम अक्टूबर 2026 तक पूरा हो सकता है.
फेज-2 के साथ ही यह रिंग रोड की शकल ले लेगा. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि सहारनपुर-हरिद्वार बाईपास जून में उद्घाटन हो जाएगा, जिससे हरिद्वार के साथ-साथ ऋषिकेश को भी काफी फायदा पहुंचेगा. यह परियोजना गंगा बेसिन की चुनौतियों (भारी बारिश, बाढ़ आदि) को ध्यान में रखते हुए आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार तैयार की जा रही है.
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